प्रेम मंदिर की पहली झलक( जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज)


 

जब हम वृन्दावन पहुंचे, तो माहौल कुछ अलग ही था। हर तरफ राधे-राधे के झंडे लगे थे, लोग भजन गा रहे थे और मंदिरों से आरती की आवाज आ रही थी। वहां पहुंचकर हम एक होटल में रुके जहां हमने दोपहर का खाना खाया और थोड़ी देर आराम किया।  

शाम को लगभग 5 बजे हम सब प्रेम मंदिर के दर्शन के लिए होटल से निकले। जैसे ही मैंने प्रेम मंदिर की पहली झलक देखी, मैं तो सरप्राइज रह गया। यह मंदिर तो मेरी कल्पना से काफी बड़ा था। बिल्कुल सफेद संगमरमर से बना मंदिर किसी महल जैसा लग रहा था! ढलते सूरज की रोशनी पड़ने से मंदिर और चमक रहा था। इतनी सफाई और सुंदरता मैंने और किसी मंदिर में नहीं देखी थी। तब मुझे लगा कि शायद ये ट्रिप उतना बोरिंग नहीं होने वाला! आगे पढ़े


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